फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

VIDEO: शराब की दुकानों के खिलाफ महिलाओं समेत ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, पुतला फूंका

Pragati Chand Updated Sat, 09 May 2026 05:59 PM IST

बलिया जिले के बेदुआ बांध पर सरकारी शराब की दुकानों को हटाने के लिए आधी आबादी ने कमान संभाल ली है। पिछले पांच दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा क्रमिक अनशन शनिवार को उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। शनिवार को आंदोलनकारी महिलाओं और स्थानीय लोगों का गुस्सा चरम पर था। सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी आबकारी विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शराब की दुकान के सामने पुतला दहन करने पहुंचे। मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जिससे जमकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों के हाथ से पुतला छीनकर पास के नाले में फेंक दिया, जिसने आग में घी का काम किया और जनता का आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट को महिलाओं ने अपनी पीड़ा बताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि शराबियों के जमावड़े की वजह से हम महिलाओं पर छींटाकशी की जाती है। शराबी सड़क पर अर्धनग्न हालत में पड़े रहते हैं। पास में ही स्कूल, मंदिर और पुलिस चौकी है, फिर भी प्रशासन मौन है। हमें अपनी ही गलियों में सिर झुकाकर निकलना पड़ता है। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक शब्दों में प्रशासन को अपनी मांगों से अवगत कराया। कहा कि देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों को आबादी, स्कूल और मंदिर से दूर शिफ्ट किया जाए। क्षेत्र के युवाओं और स्कूली बच्चों पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव को तत्काल रोका जाए। महिलाओं और बेटियों के लिए भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित हो। सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम ने उत्तेजित भीड़ को समझाने और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, जनता अब केवल वादों से संतुष्ट होने को तैयार नहीं है। स्थानीय लोगों ने साफ कर दिया है कि जब तक शराब की दुकानें वहां से हट नहीं जातीं, तब तक आंदोलन थमेगा नहीं।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें