जिला पंचायत के खाते में 25 करोड़ रुपये हैं, इसके बाद भी कार्य नहीं होने रहा है। यह आरोप लगाते हुए सदस्यों ने बुधवार को हंगामा किया। जिला पंचायत सदस्यों ने अधिकारियों पर टेंडरों पर बिना कारण रोक लगाने का आरोप लगाकर धरना दिया। जांच कराकर कार्रवाई की मांग की।