आजमगढ़ में ऑटो रिक्शा चालक समिति ने सोमवार को प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चालकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर चक्का जाम की चेतावनी दी है। प्रदेश अध्यक्ष कृपाशंकर पाठक के नेतृत्व में जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपा गया। पाठक ने आरोप लगाया कि केंद्रीय परिवहन नियमों का उल्लंघन हो रहा है। डीजल ऑटो रिक्शा का परमिट 15 साल के बजाय 10 साल का कर दिया गया है। जबकि 15 साल का शुल्क पहले ही वसूला जा चुका है। इस कारण कई चालक भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। संगठन ने 15 साल का पूरा परमिट या ब्याज सहित मुआवजे की मांग की है। उन्होंने चुनिंदा परमिटों की उच्च स्तरीय जांच की भी मांग की। संगठन ने 48 चिह्नित केंद्रों पर ऑटो स्टैंड बनाने की मांग की है। ई-रिक्शा और ऑटो के लिए मार्ग निर्धारण भी आवश्यक बताया गया। ठेका परमिट नवीनीकरण में देरी पर लगने वाला 200 रुपये का विलंब शुल्क बंद करने को कहा गया। पाठक ने कहा कि जब कर 15 साल का लिया गया तो परमिट 10 साल का क्यों? उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें न मानी गईं तो चक्का जाम किया जाएगा।