राम मंदिर में चढ़ावे और धन प्रबंधन को लेकर चल रहे विवाद के बीच जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने चंपत राय के समर्थन में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय एक रुपये की भी चोरी के दोषी पाए जाते हैं तो वह अपना धर्मदंड छोड़ देंगे। परमहंस आचार्य ने कहा कि चंपत राय ने राम मंदिर आंदोलन से लेकर मंदिर निर्माण तक अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके अनुसार चंपत राय "देव तुल्य" व्यक्ति हैं और उनकी ईमानदारी पर संदेह नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस साक्ष्य के लगाए जा रहे आरोप निंदनीय हैं। उन्होंने आरोप लगाने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वे अपने आरोपों के समर्थन में सबूत प्रस्तुत नहीं कर पाए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह स्वयं न्यायालय में जाकर मुकदमा दायर करेंगे और आवश्यकता पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। परमहंस आचार्य ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री की निष्पक्ष जांच पर पूरा भरोसा है। उनके अनुसार सरकार अपने स्तर पर पूरे मामले की जांच करा रही है और कार्रवाई भी जारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही जांच का सच सामने आएगा और पूरे विवाद पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।