एसआईआर फॉर्म संकलित व ऑनलाइन फॉर्मों को रीचेक करने में बीएलओ की समस्या बढ़ गई है। अधूरे भरे गए फॉर्म ऑनलाइन हो गए हैं। एक ओर जहां वितरति फॉर्म मतदाता से संकलित करना मुश्किल हो रहा था, अब वहीं अधूरे ऑनलाइन हुए फॉर्मों को पूरा करने के लिए मतदाताओं से जानकारी जुटाकर ऑनलाइन भरना बीएलओ के लिए चुनौती का कार्य हो गया है। जिले में करीब 75 फीसदी फॉर्मों का डिजिटलाइजेशन हो गया है। यह कार्य कई विभागों के कर्मियों से कराया जा रहा है। मतदाताओं की ओर से वितरित फॉर्मों में पूरी जानकारी नहीं भरी जाने के कारण ऑनलाइन हुए फॉर्मों को रीचेक करना पड़ रहा है। इस कार्य में बीएलओ के साथ शिक्षकों को लगाया गया है। गौरीगंज स्थित मॉडल प्राथमिक विद्यालय पचेहरी में 334, 335, 336, 337 नंबर बूथ हैं। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे बूथ संख्या 337 के बीएलओ रज्जन ने बताया कि 1076 मतदाता हैं। वितरित फॉर्मों के सापेक्ष 60 फॉर्म संकलित नहीं हो पाएं हैं। निमंत्रण व खेती किसानी का कार्य होने की वजह से लोग मिल नहीं रहे हैं। 10 से 12 बार उन घरों का चक्कर लगाया गया, लेकिन अभी फॉर्म मिल नहीं पाए। वहीं करीब 25 से 30 मतदाताओं का फॉर्म वितरित नहीं हो पाया, कहा कि यह लोग खोजे ही नहीं मिल रहे हैं। पड़ोसी भी उनकी सूचना नहीं दे पा रहे हैं। मतदाता फॉर्म भरने में आनाकानी कर रहे हैं। फॉर्म में सही जानकारी नहीं भरी होने से आ रही दिक्कत फॉर्म रीचेक फीडिंग में लगे पचेहरी विद्यालय के शिक्षक विशाल ने बताया कि तीन चरणों में फॉर्म भरा जाना था। 2003 की सूची से मिलान नहीं होने व एक ही चरण में फॉर्म ऑनलाइन कर दिया गया था। जिससे कुछ कमियां रह गई थी। सूची से सत्यापन कर ऑनलाइन दुरूस्त किया जा रहा है। नाम में भी त्रुटियां हैं जिसे सही किया जा रहा है। कहा कि फॉर्म में पूरी जानकारी मतदाताओं की ओर से नहीं दिए जाने के कारण वह जानकारी जुटाकर भरी जा रही है। बीएलओ से मिलकर तत्काल भरें फॉर्म अपर जिला निर्वाचन अधिकारी अर्पित गुप्ता ने बताया कि बीएलओ गांव-गांव पहुंचकर फॉर्म संकलित कर रहे हैं। कहा कि जिन मतदाताओं को फॉर्म नहीं मिले हैं, वह बीएलओ से मिलकर अपना फॉर्म अवश्य भरें, जिससे उनका नाम मतदाता सूची में शामिल हो सके।