अमेठी में साल के आखिरी दिन जिले में मौसम ने अचानक करवट ली। बारिश के बाद कोहरे और धुंध ने पूरे क्षेत्र को अपनी गिरफ्त में ले लिया। मंगलवार देर शाम से छाई धुंध रात होते-होते और गहरी हो गई। बुधवार सुबह हालात ऐसे रहे कि दृश्यता बेहद कम हो गई और कुछ कदम आगे देख पाना भी कठिन हो गया। घने कोहरे की वजह से सड़कों पर यातायात प्रभावित रहा। हाईवे से लेकर ग्रामीण सड़कों तक छोटे-बड़े वाहन धीमी गति से चलते नजर आए। वाहन चालक रेड लाइट और फॉग लैंप के सहारे रास्ता तलाशते दिखे। ट्रेनों की रफ्तार पर भी असर पड़ा। समय पर गंतव्य तक पहुंचना लोगों के लिए चुनौती बना रहा। मौसम में आए बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सर्द हवाओं के साथ बढ़ी गलन ने ठंड का अहसास और तीखा कर दिया। सुबह-सुबह घरों से निकलने वाले राहगीर गर्म कपड़ों में लिपटे रहने के बाद भी ठिठुरते नजर आए। बाजारों और सड़कों पर चहल-पहल कम रही। कोहरे और धुंध की स्थिति ने आम जनजीवन को प्रभावित किया। स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और किसानों को आवागमन में दिक्कतें झेलनी पड़ीं। कृषि वैज्ञानिक डॉ. नवनीत मिश्र का कहना है कि कोहरे और पाले की संभावना से आलू, सब्जी, फूल वाली तिलहनी और दलहनी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। पाले से बचाव के लिए खेतों की मेड़ों पर धुआं करना, मिट्टी में नमी बनाए रखना और आवश्यक दवाओं का छिड़काव करना लाभकारी रहेगा।