अमेठी में गुंगवाछ गांव के पास बृहस्पतिवार शाम दिहाड़ी श्रमिक निर्मल (60) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पहले से घात लगाए बैठे तीन नकाबपोश बदमाशों ने सरेआम वारदात को अंजाम दिया और भाग निकले। भूमि विवाद में हत्या किए जाने की बात सामने आई है। संग्रामपुर के टीकरमाफी गांव निवासी निर्मल दिहाड़ी श्रमिक थे।
अमेठी में गुंगवाछ गांव के पास बृहस्पतिवार शाम दिहाड़ी श्रमिक निर्मल (60) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पहले से घात लगाए बैठे तीन नकाबपोश बदमाशों ने सरेआम वारदात को अंजाम दिया और भाग निकले। भूमि विवाद में हत्या किए जाने की बात सामने आई है। संग्रामपुर के टीकरमाफी गांव निवासी निर्मल दिहाड़ी श्रमिक थे।
वारदात के वक्त वह भी तिवारीपुर में दूसरे के यहां मजदूरी कर रहे थे। ग्रामीणों की सूचना पर वह मौके पर गए और एंबुलेंस बुलाकर भाई को सीएचसी अमेठी पहुंचाया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अमेठी कोतवाली प्रभारी रवि कुमार सिंह ने बताया कि हत्या में शामिल लोगों की तलाश की जा रही है। जल्द ही वारदात का खुलासा किया जाएगा। अभी तहरीर नहीं मिली है।
धर्मराज ने बताया कि उनके भाई निर्मल निसंतान थे। उनकी पत्नी की लगभग 15 वर्ष पहले मौत हो गई थी। निर्मल उन्हीं के साथ रहते थे। उनकी जमीन हथियाने के लिए परिवार की एक सदस्य उन्हें लगातार परेशान कर रही थी। दो दिन पहले भी निर्मल को धमकी दी गई कि अब ज्यादा दिन जिंदा नहीं रहोगे। धर्मराज ने संदेह जताया कि शायद उसी सदस्य के कहने पर उनके भाई की हत्या कर दी गई।