अंबेडकरनगर में सरयू नदी का जलस्तर रविवार को 8 सेंटीमीटर घटने से मांझा क्षेत्र के किसानों को कटान से कुछ राहत मिली है। हालांकि नदी के लगातार बदलते मिजाज को देखते हुए प्रशासन और बाढ़ कार्य खंड की टीमें अभी भी पूरी तरह सतर्क है। इटौरा ढोलीपुर के पास कटान रोकने के लिए जेसीबी से नदी किनारे समतलीकरण का कार्य शुरू करा दिया गया है, जहां बैंबू क्रेट लगाए जाएंगे। इटौरा ढोलीपुर निवासी तालुकदार सिंह ने आरोप लगाया कि कटान रोकने के नाम पर पहले हुए कार्यों में सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ। उन्होंने दावा किया कि उनके परिवार की करीब 200 बीघा कृषि भूमि सरयू की धारा में समा चुकी है लेकिन स्थायी बचाव के लिए प्रभावी कार्य नहीं हुए। वहीं ग्रामीण राघवेंद्र का कहना है कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए कम्हरिया घाट पर पुल बनने के बाद नदी की धारा बदल गई है। उनका आरोप है कि पुल के पिलरों की स्थिति के कारण नदी का बहाव कम्हरिया की ओर मुड़ गया, जिससे कटान पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है।