आगरा में गणेश दुर्गा महोत्सव कमेटी की शास्त्री नगर लंगड़े की चौकी में श्रीराम कथा हो रही है। बृहस्पतिवार को नौंवे दिन भरत के त्याग, खर-दूषण वध व अन्य प्रसंग सुनाए गए। कथा व्यास भरत उपाध्याय ने धर्म, संयम और आदर्श जीवन का संदेश दिया। कहा भरत का त्याग भाई प्रेम का भारतीय संस्कृति में अद्वितीय उदाहरण है। कथा में कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य शामिल हुई। कथा व्यास ने बताया कि जब भरत को श्रीराम के वनवास का समाचार मिला, तो उन्होंने राजसिंहासन स्वीकार करने से इन्कार कर दिया। उन्होंने नंदिग्राम में कुटी बनाकर तपस्वी जीवन अपनाया और श्रीराम की खड़ाऊं को सिंहासन पर स्थापित कर राज्य का संचालन किया। खर-दूषण वध का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि जब राक्षसों ने भगवान श्रीराम पर आक्रमण किया, तब श्रीराम ने उनका संहार कर धर्म की रक्षा की। मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्या ने कहा कि श्रीराम कथा के प्रत्येक प्रसंग में जीवन के लिए गहरा संदेश छिपा है। यदि हम भरत के त्याग, लक्ष्मण के साहस और श्रीराम के धर्म पालन को अपने जीवन में उतार लें, तो समाज में शांति, सद्भाव और नैतिकता की स्थापना हो सकती है। इस दौरान एमएलसी विजय शिवहरे, महंत गोपी गुरु, अनुराग उपाध्याय, पुष्कल गुप्ता, राम उपाध्याय ,संजीव चौबे, पार्षद किशन नायक, राजेश गोयल, प्रदीप भाटी, राजदीप ग्रोवर और लालू जादौन आदि उपस्थित रहे।