आगरा के ताज महोत्सव में बृहस्पतिवार की रात दर्शकों पर संगीतकार जोड़ी सचेत-परंपरा की आवाज और संगीत का जादू चला। सोशल मीडिया पर 500 मिलियन बार देखा जा चुका उनका गीत छोड़ चला जैसे ही उन्होंने गाया, युवा दर्शक उनके साथ गुनगुनाने लगे। देर रात तक दोनों ने दर्शकों की मांग पर अपनी फिल्मों के गीत गाए। टीवी शो से युवाओं के दिल पर राज कर रहे सचेत और परंपरा की जोड़ी ने बृहस्पतिवार को रात 9 बजे से अपनी आवाज का जादू चलाया। उन्होंने बेखयाली... सुबह की ट्रेन... आ तो सही... नाम अपना... मेरे सोनेया... साइको सैंया... पल पल दिल के पास... घमंड कर... दिल उड़ा पतंगा... फासलों में... गीत गाए। फिल्म कबीर सिंह और ताना जी समेत एक दर्जन फिल्मों में संगीत दे चुकी जोड़ी के लिए दर्शक शाम 7 बजे से ही कुर्सियों पर आकर बैठ गए और देर रात तक उनकी प्रस्तुति का लुत्फ उठाया। उनसे पहले विभा सिंह का गायन और भगवान शिव व विष्णु की लीलाओं पर बैले प्रस्तुत किया गया।