आगरा में यमुना के पोइया घाट पर बना पांटून पुल पीडब्ल्यूडी और ठेकेदार की अनदेखी के कारण अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया है। उससे निकलना राहगीरों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। पीडब्ल्यूडी ने रात में वाहनों के निकलने पर प्रतिबंध का बोर्ड तो लगा दिया है, लेकिन अभी तक अव्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की जहमत नहीं उठाई है। पुल पर हाल यह है कि पीपों पर रखे लकड़ी के पट्टे अपनी जगह से खिसक गए हैं। उनके बीच का अंतर एक फुट तक हो गया है। उनमें फंसकर दोपहिया वाहन चालक गिर सकते हैं। पुल से चद्दरों को हटा दिया है। उस पर कुछ जगहों पर ही चद्दर डली हैं। उनको जोड़ने वाले बोल्ट खुल जाने से वह एक-दूसरे से दूर हो गई हैं। उनके नुकीले कोने ऊपर उभर आए हैं। कई जगह ऐसी है जहां ऊपर चद्दर पड़ी है, लेकिन नीचे मजबूती देने के लिए नीचे वाले पट्टे निकल चुके हैं। अगर ऐसी जगह गलती से वाहन का पहिया आ गया तो दुर्घटना हो सकती है। यही नहीं बार-बार पुल के दोनों किनारों के उतार-चढ़ाव के नीचे से बालू धंसने से पीपों को एक सीध रोकने वाली रस्सियों की पकड़ ढीली हो गई है। इससे रैलिंग के तारों को साधने वाले पट्टों के नीचे से लकड़ियां निकल गई हैं। उनके नीचे से भी पट्टे अपनी जगह छोड़ चुके हैं। रेत में पड़ी चद्दरों को तो सही से अभी तक जोड़ा भी नहीं गया है।