आगरा के ताजमहल के पूर्वी गेट के पास स्थित शिल्पग्राम पार्किंग के मैनेजर ने आईपीएल सट्टे में लाखों रुपये हारने के बाद कंपनी के 2.87 लाख रुपये की फर्जी लूट की साजिश रची। पुलिस ने जांच के बाद इस मामले का खुलासा करते हुए मैनेजर और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से एक लाख रुपये और एक बाइक बरामद की गई है। यह घटना तब सामने आई जब प्राइम पार्किंग सर्विसेज के मालिक अमित विशन वर्मा ने थाना ताजगंज में प्राथमिकी दर्ज कराई। अमित ने बताया कि वह मुंबई महाराष्ट्र निवासी हैं और उनकी कंपनी ने शिल्पग्राम पार्किंग का ठेका लिया है। करन को मैनेजर बनाया गया था। तीन मई को करन को 2.87 लाख रुपये बैंक में जमा करने के लिए दिए थे। उसने रुपये खाते में जमा नहीं कराए और संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया। इस पर उन्होंने पुलिस की मदद ली। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि दिल्ली के लक्ष्मी नगर का निवासी करन लंबे समय से सट्टा खेल रहा था। वह कंपनी के पैसे सट्टे में हार गया और उसे यह रकम चुकानी थी। इसी वजह से उसने कंपनी के पैसे का गबन करने की साजिश रची। इसमें उसने अपने पूर्व सहकर्मी भूदेव और राहुल (दोनों निवासी मलपुरा के गांव खलऊआ) को भी शामिल किया। 4 मई को करन ने पुलिस को सूचना दी कि एडीए हाइट्स के पास दो बदमाशों ने उससे कंपनी के पैसे लूट लिए हैं। पुलिस की जांच में फर्जी लूट की हकीकत सामने आ गई। जांच में पता चला कि साजिश के तहत भूदेव और राहुल ने करन की गाड़ी रोकी। बैग छीनने का नाटक किया। यह सब करन की मिलीभगत से हुआ था। वह सट्टे में हारी रकम को कंपनी के पैसे से भरना चाहता था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया।