आगरा। श्रावण मास (सावन) में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सोरों घाट से गंगा जल भरकर कांवड़ लेकर निकलने वाले शिवभक्तों के सामने जलेसर मार्ग पर से निकलना चुनौती से कम नहीं है। बारिश के मौसम में सड़क पर दो से ढाई फीट तक के गहरे गड्ढे, उखड़ी हुई सड़क और पथरीले डगरे बदहाल स्थिति और भारी वाहनों की आवाजाही के बीच कांवड़ियों को जान हथेली पर रखकर गुजरना पड़ रहा है। कांवड़ खंडित होने का डर अलग बना रहता है। वहीं दूसरी ओर दो साल में डेढ़ दर्जन से अधिक लोग जान गवां चुके है। टेढ़ी बगिया से भैंस फाटक तक 18 किलोमोटर की दूरी तक सैकड़ों गड्ढे है। स्थानीय लोगों का आरोप है क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि सालों से वादे कर रहे हैं। लोक निर्माण विभाग सड़क हादसे में लोगों की जान जाने के बाद खानापूर्ति कर देता है। राहगीरो को भारी समस्या का सामना करना पड़ता है।