सजेधजे रथ पर सवार होकर प्रभु श्रीराम जनकपुरी के लिए प्रस्थान किए। घरों की छत से भक्तों ने प्रभु पर फूल बरसाए। भक्ति ऐसी कि सभी के मुख पर सियापति रामचंद्र की जय, जय सियाराम के जयकारे लगाने लगे। मंच पर पहुंच प्रभु श्रीराम ने मिथिलावासियों को दर्शन दिए। जनकपुरी में सियाराम के दर्शन के साथ ही लोगों ने झूलों का भी आनंद लिया। लोगों ने अपने बच्चों और परिवार के साथ छोटे-बड़े सभी झूलों का आनंद लिया।