सनातन धर्म में बेहद पवित्र माने जाने वाले गंगा दशहरा पर्व पर प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बटेश्वर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर बुधवार तड़के ब्रह्म मुहूर्त से ही यमुना नदी के घाट 'हर-हर महादेव' और 'गंगा मैया' के जयकारों से गुंजायमान हो उठे। आगरा सहित आसपास के कई जिलों, मध्य प्रदेश और राजस्थान से आए भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में पवित्र डुबकी लगाई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने बटेश्वर के प्रसिद्ध 101 शिवालयों की श्रृंखला में मुख्य भगवान बटेश्वरनाथ (ब्रह्म लाल) का फूल, बेलपत्र, चंदन और फल अर्पित कर जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक किया। घाटों पर साधु-संतों को भोजन कराकर दान-पुण्य की रस्में निभाई गईं, वहीं मां गौरा-पार्वती मंदिर में सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु के लिए सुहाग सामग्री अर्पित की। इसके अलावा, प्राचीन वन खंडेश्वर महादेव मंदिर में भी पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का भारी तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बाह तहसील प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहा। पूर्वी सर्किल के कई थानों की पुलिस फोर्स सुरक्षा में तैनात रही।