आगरा में शहर के एक प्रमुख कारोबारी ने खुद को तलाकशुदा बताकर महिला से शादी कर ली। 2013 में पति की मौत के बाद महिला ससुराल पहुंची। तब पता चला कि काराेबारी की पहली पत्नी और चार बच्चे है, तलाक भी नहीं हुआ। संपत्ति से हिस्सा न मिलने पर 22 सितंबर 2015 को अदालत में वाद दायर किया। परिवार न्यायालय ने पत्नी को वैधानिक मानते हुए याचिका खारिज कर दी। कारोबारी पति की मौत के बाद दूसरी पत्नी ने 2015 में संपत्ति हिस्सा लेने के लिए अदालत में वाद दायर किया था। आरोप लगाया था कि वर्ष 2002 में पीड़िता की शादी काराेबारी के साथ हुई थी। पति ने शादी के दौरान खुद को तलाकशुदा बताया था। एक पुत्र भी पैदा हुआ। वह वर्तमान में 21 साल का है। पति के रहते कोई परेशानी नहीं हुई। वर्ष 2013 में पति की मौत हो गई। जानकारी पर वह ससुराल पहुंची। वहां पता चला कि पति की पहली पत्नी और चार बच्चे पहले से हैं। झूठ बोलकर शादी कर ली थी। पति की पहली पत्नी और उनके बच्चों ने संपत्ति से कुछ भी देने से साफ मना कर दिया। मृतक काराेबारी ने 9 जुलाई 2013 को एक वसीयत में अपनी सभी चल संपत्तियों को अपनी पहली पत्नी के नाम किया था।