आगरा के बाह में चौधरी की ठार (गढ़वार) में चक रोड पर अतिक्रमण के लिए जूझते रिटायर्ड फौजी वीरेन्द्र सिंह की पीड़ा को अमर उजाला ने सात अगस्त के अंक में 'इतनी मुश्किल तो कारगिल में भी नहीं हुई, जितनी चक रोड खुलवाने में' शीर्षित खबर से प्रकाशित की थी। उन्होंने एसडीएम बाह से लगाई गुहार में कहा था कि 24 साल फौज में रहे। इतनी तो कारगिल में भी परेशानी नहीं हुई, जितनी एक चकरोड को खुलवाने में हो रही है। गांव में 40 साल पुराना 800 मीटर लंबा चक रोड है। जिस पर लकड़ी के खम्भे लगा दिए हैं, तार खींच दिए हैं, निर्माण भी किया जा रहा है। विरोध पर झगड़ा एवं मारपीट करते हैं। खबर प्रकाशन के बाद एसडीएम बाह विनोद कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नायब तहसीलदार सुधीर गिरी के नेतृत्व में पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीम गठित की थी। नायब तहसीलदार सुधीर गिरी ने बताया कि चक रोड की पैमाइश कराई गई। अतिक्रमण को चिह्नित कर लकड़ी के खम्भे और तार हटवाए, बुल्डोजर चलवा कर अतिक्रमण को हटाकर चक रोड को कब्जा मुक्त कराया। दोबारा से कब्जा किए जाने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इस दौरान राजस्व निरीक्षक रामसरन सिंह, लेखपाल रामदास शर्मा एवं पुलिस बल मौजूद रहा।