आगरा में धर्मांतरण के मामले में रिमांड पर लिए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद 10 और लोगों के नाम सामने आए हैं। इन लोगों को पुलिस नोटिस भेजकर बुलाएगी। संलिप्तता मिलने पर गिरफ्तारी की जाएगी। उधर, एक मई को गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को शुक्रवार को पुलिस ने एक बार फिर कस्टडी रिमांड पर लिया। पुलिस टीम उन्हें दिल्ली और डीग लेकर गई है। सभी से मोबाइल, लैपटाॅप और रजिस्टर की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने दिल्ली निवासी तलमीज उर रहमान, जाशिम उर्फ जतिन, परवेज अख्तर और राजस्थान के डीग निवासी हसन मोहम्मद को गिरफ्तार किया था। चारों आरोपियों ने पूछताछ में धर्मांतरण गिरोह के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी थी। फंडिंग और गिरोह से जुड़े कई लोगों के नाम बताए थे। यह भी कहा था कि उनके पास हर चीज का डाटा रहता है। इसे रजिस्टर, मोबाइल और लैपटाॅप में रखते हैं। उनसे इन सभी की बरामदगी के लिए कोर्ट से दोबारा रिमांड मांगी थी। कोर्ट ने दो दिन की रिमांड दी है। शुक्रवार को साइबर क्राइम थाने की पुलिस आरोपियों को जेल से दिल्ली और डीग लेकर गई। डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह के मुताबिक, पूछताछ में पता चला था कि धर्मांतरण के लिए अलग-अलग स्थान पर आरोपी बैठक करते थे। इन बैठक के आयोजन की व्यवस्था कई लोग करते थे। वही बैठक में आने वालों के लिए अन्य इंतजाम भी करते थे। दिल्ली में जिन इलाकों में बैठक होना बताया गया, वहां पर पुलिस टीम ने जांच की है। पड़ोस में रहने वालों से जानकारी जुटाई गई। इसके बाद 10 और नए नाम सामने आए। इन लोगों के बारे में पड़ताल की जा रही है।