जब रावण पर कुपित हुए भगवान भाले शंकर तो शिव को मनाने के लिए रावण ने रचना की तांडव कर्ता की स्तुतिक और इस तरह अस्तित्व में आया शिव तांडव स्तोत्र। इसके पाठ और श्रवण से मिलती है शिव कृपा।
6 September 2026
5 September 2026
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