16 दिसंबर 1971 का दिन, जब 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों ने अपने लेफ्टीनेंट जनरल के साथ भारतीय सेना के आगे समर्पण कर दिया था। ये दिन ‘विजय दिवस’ के नाम से जाना जाता है। पाकिस्तान ने अपने अहंकार में एक गलती की जिसकी कीमत उसे पूर्वी पाकिस्तान यानी आज के बांग्लादेश को गंवाकर चुकानी पड़ी।