1857 से शुरू हुई देश की आजादी की लड़ाई में बहुत से क्रांतिकारी शहीद हुए, 90 साल के कालखंड में अंग्रेजी हुकूमत को भी समझ आने लगा कि वो अब ज्यादा समय तक भारतीयों को अपने कब्जे में रख नहीं पाएंगे लिहाजा, साल 1947 को अंग्रेजों ने औपचारिक तौर पर ऐलान कर दिया कि वो अब भारत को आजाद कर देंगे लेकिन उसमें बंटवारे का प्रस्ताव था।