दिव्यांगों पर लोग तरह-तरह के कमेन्ट करते हैं, लेकिन कुछ लोग उन कमेन्ट से बेपरवाह होकर एक नई इबारत लिख रहे हैं। वो अपनी कमजोरी को कमजोरी नहीं ताकत बनाकर उन जैसों की जुबां पर ताला लगा देते हैं जो एक समय ताना मारा करते थे। अमर उजाला टीवी विश्व दिव्यांग दिवस पर आपके लिए एक ऐसे ही व्यक्ति की कहानी लाया है, जो मिसाल है।