हिंदी साहित्य में यूं तो तमाम नाम हैं, लेकिन मुंशी प्रेमचंद उन नामों में ऐसा नाम है, जो हर वंचित की रहनुमाई करता है। हिंदी पढ़ने वाले किसी भी शख्स से पूछिए कि आपने किससे पढ़ा है, उसका पहला जवाब प्रेमचंद ही होगा। प्रेमचंद ने अपने जीवन में ना सिर्फ कुरीतियों पर लिखा बल्कि उसे बदलने के लिए भी खुद आगे आए।