गोपाल दास नीरज के निधन की खबर सुनकर पूरा देश गमगीन है। सालों तक कवि सम्मेलनों और मंच की जान रहे नीरज की रचनाएं हमेशा के लिए अमर रहेंगी, क्योंकि वो सिर्फ लिखते ही नहीं थे बल्कि अपने लिखे एक-एक शब्द को जीते भी थे। तभी तो, 'जितना कम सामान रहेगा, उतना सफ़र आसान रहेगा’ कविता लिखने वाले नीरज जाते-जाते अपने सभी अंगों को दान कर गए।