इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला में सोमवार को मरीज व सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर में हुई मारपीट मामले पर मंगलवार को रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने पत्रकार वार्ता की। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अमन मदैइक ने कहा कि इस तरह की घटना के हमेशा दो पहलू होते हैं। उन्होंने सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. राघव नरोला के पक्ष को मीडिया के समक्ष रखा। अध्यक्ष ने कहा कि डॉ. राघव के अनुसार जब उन्होंने मरीज से एक्स-रे, सिटी स्कैन आदि चिकित्सा रिकाॅर्ड का अनुरोध किया तो मरीज अभद्र, अपमानजनक व्यवहार करने लगा और यह कहकर मना करने लगा कि वह यह सभी रिकाॅर्ड दूसरे डाॅक्टर को दिखा चुका है। साथ ही उन्हें तुच्छ शब्दों से संबोधित करने लगा। स्थिति धीरे-धीरे गंभीर होती गई। मुझे व मेरे माता-पिता को तुच्छ शब्दों से संबोधित किया गया। इसी बीच मरीज ने उन्हें धक्का और मेरी छाती व पेट पर प्रहार किया। खुद को बचाने की कोशिश की तो बिस्तर में लगे स्टैंड से मारने लगे। इसी दाैरान मरीज का साथी वीडियो बनाने लगा जो सोशल मीडिया में वायरल हो गया। लेकिन यह वीडियो अधूरा था। वास्तविक घटना को तोड़मरोड़ पर दिखाया गया। कहा कि हमारे रेजिडेंट डाॅक्टर मरीजों के लिए ही काम करते हैं। इलाज के लिए मरीजों की हिस्ट्री पूछी जाती है और बार-बार पूछी जाती है। एक डाॅक्टर हमेशा मरीज के लिए चिंता करता है।