अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य कमेटी ने शिमला स्थित उपायुक्त कार्यालय के बाहर हुई धक्का-मुक्की की घटना की निंदा की है। समिति ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और छात्राओं के साथ किसी भी प्रकार की धक्का-मुक्की लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। भाजपा और आरएसएस के गुंडों ने छात्राओं के साथ बदतमीजी की जिन्हें गिरफ्तार किया जाए। समिति की राज्य महासचिव फालमा चौहान ने जारी बयान में कहा कि एसएफआई के छात्र पिछले तीन दिनों से नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्र इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और विभिन्न स्थानों पर विरोध कार्यक्रम आयोजित किए गए। फालमा चौहान ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से छात्राओं के साथ धक्का-मुक्की की गई, जिसकी समिति कड़ी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार को प्रभावित करती हैं। समिति ने अपने बयान में भाजपा और आरएसएस पर भी आरोप लगाए तथा कहा कि छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों को भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।