जुब्बड़हट्टी स्थित शिमला एयरपोर्ट पर बुधवार को एंटी-हाईजैकिंग मॉक एक्सरसाइज का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य विमान अपहरण जैसी आपात परिस्थितियों में सुरक्षा एजेंसियों, प्रशासन और एयरपोर्ट प्रबंधन की त्वरित प्रतिक्रिया तथा समन्वय क्षमता को परखना था। मॉक ड्रिल में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC), नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA), नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS), एयरपोर्ट प्रबंधन, हिमाचल प्रदेश पुलिस, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवाओं सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। शिमला विमानपत्तन निदेशक संजीव कुमार ने बताया कि अभ्यास के दौरान गृह विभाग के विशेष सचिव दिलीप सिंह ने स्वयं पर्यवेक्षक की भूमिका निभाई। इस दौरान दिल्ली से कुल्लू जा रहे एटीआर-42 विमान के अपहरण का काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया। विमान को ईंधन भरने के बहाने शिमला एयरपोर्ट पर उतारा गया, जिसके बाद सूचना मिलते ही आपदा एवं सुरक्षा प्रबंधन दल सक्रिय हो गया और यात्रियों को सुरक्षित निकालने की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल के बाद गृह विभाग के विशेष सचिव दिलीप सिंह की अध्यक्षता में एयरपोर्ट सुरक्षा समिति की बैठक भी आयोजित हुई। बैठक में हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था, उड़ानों के संचालन, नई उड़ानें शुरू करने की संभावनाओं और एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।