हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में मंगलवार को छात्र विवाद के बाद बुधवार को सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार समेत संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। इसके साथ ही किसी भी स्थिति से तुरंत निपटने के लिए क्यूआरटी को भी परिसर में तैनात रखा गया। पुलिस कर्मियों ने बुधवार को दिनभर विश्वविद्यालय परिसर में गश्त की और छात्र गतिविधियों पर नजर रखी। मंगलवार की घटनाओं के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। मंगलवार को दो बार बनी विवाद की स्थिति जानकारी के अनुसार मंगलवार को दोपहर करीब 2:30 बजे कानून विभाग में एक विश्वविद्यालय छात्र और एसएफआई कार्यकर्ता के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद शाम को एक बार फिर छात्रों के बीच विवाद की स्थिति बनी। शाम करीब 7:30 बजे पुलिस ने एसएफआई के सात कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। इससे पहले एसएफआई से जुड़े अखिल और आदित्य कुलपति कार्यालय परिसर में पहुंचे थे। विश्वविद्यालय पुलिस ने दोनों को रोककर उनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके बैग से दराट और रॉड मिलने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने सात एसएफआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। घटना के बाद बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई। मंगलवार की घटना के बाद बुधवार को कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में हथियार लेकर आने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रों का कहना है कि परिसर में किसी भी तरह का हथियार पहुंचना सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। छात्रों ने मांग की कि ऐसे मामलों में संबंधित लोगों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना है कि छात्र संगठनों के बीच होने वाले विवादों का असर आम छात्रों की पढ़ाई पर नहीं पड़ना चाहिए। बुधवार को विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार, कुलपति कार्यालय और अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस कर्मियों की तैनाती रही। परिसर में अतिरिक्त पुलिस मौजूदगी के साथ गश्त भी की गई। मंगलवार की घटनाओं के बाद किसी नए विवाद की स्थिति से निपटने के लिए क्यूआरटी को भी तैनात रखा गया। बुधवार को अतिरिक्त पुलिस बल की मौजूदगी के कारण परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक कड़ी रही।