एनबीटी की ओर से शिमला में चल रहे पुस्तक मेले के अवसर पर शनिवार को सिरमौर जिले के प्राचीन भड़ाल्टू लोकनृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इस दौरान चूड़ेश्वर लोक नृत्य सांस्कृतिक मंडल सिरमौर के कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति देकर समा बांधा और लोक संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया। जानकारी के अनुसार चूड़धार के जंगलों में भेड़ पालक शिरगुल महाराज से मवेशियों की सुरक्षा के लिए प्राचीन काल में इस नृत्य की शुरुआत हुई थी। सिरमौर में आज भी भेड़पालकों की ओर से भड़ाल्टू संक्रांति मनाई जाती है, जिसमें यह नृत्य किया जाता है। सांस्कृतिक दल के प्रमुख जोगेंद्र हब्बी ने कहा कि भड़ाल्टू नृत्य हिमाचल की प्राचीन लोक नृत्य विधाओं में से एक है।