अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राज्य की कांग्रेस सरकार भी चुनावी साल में अपनी तैयारियों को पुख्ता करने में लगी है। इस चुनाव में कांग्रेस के सामने अपना किला बचाने की चुनौती होगी। वहीं, भाजपा अपनी वापसी की कोशिश करेगी। मौजूदा सरकार के सामने बेरोजगारी और अपराध जैसे बड़े मुद्दे हैं जिन्हें विपक्ष लगातार उठा रहा है। चुनावी तैयारियों की बात करें तो कांग्रेस और भाजपा लगातार बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। चुनावी विश्लेषकों की मानें तो भाजपा इस बार मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ सकती है जबकि कांग्रेस के सामने अभी भी असमंजस की स्थिति में है।