संयुक्त किसान मोर्चे पठानकोट ने क्रेंद्र सरकार खिलाफ रोष जताते हुए डीसी कार्यालय समक्ष केंद्र सरकार का पुतला जलाया। उपरांत नेताओं ने पठानकोट डीसी के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। जानकारी देते हुए केवल कालिया, बलवंत सिंह, बिक्रम जीत, सुरिंदर सहगल, सुधा रानी, देवी सैनी, आईएस गुलाटी, मंगल सिंह, सुखविंदर सिंह, सागर सिंह, अवतार सिंह, सुरमख सिंह, कुलबीर सिंह ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने आज देशभर में मांग पत्र सौंपे हैं। इसी क्रम में संयुक्त किसान मोर्चा पठानकोट ने आज केंद्र सरकार का पुतला जलाया और पठानकोट के डीसी के माध्यम से प्रधानमंत्री को मांग भेजा है। नेताओं ने मांग की कि भाखडा ब्यास प्रबंधन बोर्ड में पंजाब और हरियाणा के स्थायी प्रतिनिधित्व के अधिकार को छीनने वाली अधिसूचना को रद्द किया जाए। कृषि लागत एवं मूल्य आयोग को दर्जा दिया जाए और सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और खरीद की गारंटी देने वाला कानून बनाया जाए। मजदूरों और किसानों के ऋण कॉरपोरेट घरानों की तरह माफ किए जाने चाहिए। डीजल, पेट्रोल और खाना पकाने की गैस की बढ़ी हुई कीमतें रद्द की जानी चाहिए। कृषि और संबद्ध उद्योगों को मुक्त व्यापार समझौते से बाहर रखा जाना चाहिए। विद्युत विधेयक 2025, बीज विधेयक, एमजीएनआरईजीए का नाम बदलने वाला कानून और संहिता विधेयक वापस लिए जाने चाहिए। दिल्ली आंदोलन के दौरान, उससे पहले और उसके बाद किसानों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लिए जाने चाहिए। केंद्र सरकार को कृषि विपणन संबंधी नए मसौदे को रद्द करना चाहिए। इस मौके मेहर सिंह, दोआबा किसान संघर्ष कमेटी से ओंकार सिंह, केवल सिंह कंग, भारतीय किसान यूनियन राजेवाल से बलविंदर सिंह, परषोतम कुमार, ऑल इंडिया किसान सभा से चमन लाल, बलवंत सिंह घोन, जम्हूरी किसान सभा से रगबीर ढलोरिया, मस्सा सिंह, ऑल इंडिया किसान सभा से इकबाल सिंह, मुख्तियार सिंह, किरती किसान यूनियन से विजय कुमार आदि मौजूद थे।