मोगा स्थित भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में आज विशेष रूप से पहुंचे भाजपा पंजाब के जनरल सेक्रेटरी अनिल सरीन ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा हाल ही में लॉन्च की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना पर तीखा हमला बोला। अनिल सरीन ने कहा कि यह योजना सिर्फ नाम की है और वास्तव में पंजाब की जनता के साथ एक और बड़ा फ्रॉड है। सरकार 10 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज का दावा कर रही है, जबकि हकीकत में यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के साथ केवल 1 लाख रुपये की बीमा राशि का ही समझौता किया गया है। शेष 9 लाख रुपये का भार कौन उठाएगा, इस बारे में सरकार के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो सरकार अब तक 4 लाख 17 हजार करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है और अब वेतन देने के लिए भी नया कर्ज लेने की तैयारी में है, वह सरकार प्रति व्यक्ति 9 लाख रुपये का इलाज कैसे उपलब्ध करवा सकती है। इस योजना के लिए बजट में कोई ठोस और स्पष्ट एलोकेशन नहीं की गई है। अनिल सरीन ने कहा कि अगर राज्य की 25 से 40 प्रतिशत आबादी भी इस योजना का लाभ लेती है, तो इसका खर्च पंजाब के पूरे बजट से कई गुना अधिक हो जाएगा। उन्होंने बताया कि आज तक एडिड स्कूलों के शिक्षकों को पिछले दो वर्षों से वेतन नहीं मिला है, पीएयू की ग्रांट बकाया है, आयुष्मान भारत योजना के तहत करीब 600 करोड़ रुपये अस्पतालों में फंसे हुए हैं। इसके अलावा बिजली बोर्ड, पीआरटीसी और अन्य विभागों पर भी भारी बकाया चल रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में न तो यूनिफॉर्म मिली है, न किताबें और न ही मिड-डे मील का भुगतान हुआ है। इसके बावजूद सरकार द्वारा 15 दिनों के भीतर अस्पतालों को भुगतान करने के दावे करना जनता की भावनाओं से खिलवाड़ करने के समान है। अनिल सरीन ने आरोप लगाया कि यह पूरी योजना दिल्ली से चलाई जा रही है और पंजाब सरकार सिर्फ एक मुखौटा बनकर रह गई है। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की फंडिंग और उसके इम्प्लीमेंटेशन को लेकर तुरंत स्थिति स्पष्ट की जाए। अनिल सरीन ने सरहिंद में रेल लाइन पर हुए ब्लास्ट की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर चिंतित हैं।