पठानकोट में पंजाब रोडवेज-पनबस/पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने दूसरे दिन भी पंजाब रोडवेज की बसों का चक्का जाम करके धरना दिया। उनकी मांगों में ठेके पर रखे कर्मचारियों को रेगुलर करना और गिरफ्तार किए गए स्टाफ सदस्यों की रिहाई शामिल थी। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए यूनियन के अध्यक्ष जोगिंदर पाल लवली, महासचिव दिलबाग सिंह और चेयरमैन पवन कुमार ने कहा कि पंजाब सरकार ने ठेके पर रखे पंजाब रोडवेज कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर रेगुलर करने का वादा किया था। उन्होंने 'किलोमीटर स्कीम' के तहत चलने वाली बसों को बंद करने और इसके बजाय सीधे विभाग (पनबस) या पीआरटीसी के अधीन बसें चलाने का भी वादा किया था। हालांकि, पंजाब सरकार अपने वादे से मुकर गई है और किलोमीटर स्कीम के तहत बसों के निरंतर संचालन द्वारा कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। ठेके पर रखे कर्मचारियों की कम तनख्वाहों के कारण उनका घर चलाना भी मुश्किल हो गया है। इसके अलावा, बढ़ती महंगाई ने उनके लिए अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना बहुत मुश्किल बना दिया है। अपना गुस्सा जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपनी मांगें सुनने की भी इजाजत नहीं दी जा रही है। उनके साथी, जो सिर्फ अपनी शिकायतें सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे पिछले सात महीनों से गिरफ्तार हैं और उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो संघर्ष और तेज किया जाएगा और इससे निकलने वाले परिणाम की जिम्मेदारी सरकार की होगी। वही, इस हड़ताल के कारण यात्रियों को भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।