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जालंधर में ट्रैफिक पुलिस को दी इमरजेंसी रिस्पांस ट्रेनिंग, 100 से ज्यादा हेलमेट भी बांटे

Nivedita Updated Wed, 27 May 2026 02:39 PM IST

फोर्टिस हॉस्पिटल जालंधर ने ‘वर्ल्ड इमरजेंसी मेडिसिन डे के अवसर पर जालंधर ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के लिए विशेष इमरजेंसी रिस्पांस और ट्रॉमा मैनेजमेंट वर्कशॉप का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सड़क हादसों और मेडिकल इमरजेंसी के दौरान सबसे पहले मौके पर पहुंचने वाले कर्मियों को जीवन रक्षक तकनीकों की ट्रेनिंग देना था। कार्यक्रम के दौरान पुलिस कर्मियों को बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएल एस), ट्रॉमा केयर, गोल्डन आवर मैनेजमेंट और इमरजेंसी स्थितियों में तुरंत सहायता प्रदान करने के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि हादसे के बाद शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और समय पर दी गई मदद मरीज की जान बचा सकती है। सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत दोपहिया वाहन चालकों को 100 से अधिक मुफ्त हेलमेट भी वितरित किए गए। इस पहल का मकसद लोगों को हेलमेट पहनने के प्रति जागरूक करना और सड़क हादसों में गंभीर चोटों के खतरे को कम करना था। फोर्टिस हॉस्पिटल जालंधर ने बताया कि वह लगातार समाज में इमरजेंसी केयर को लेकर जागरूकता फैलाने का काम कर रहा है। अस्पताल अब तक स्कूलों, कॉलेजों, बैंकों, सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में 50 से अधिक ट्रेनिंग सेशन आयोजित कर 1,000 से ज्यादा लोगों को इमरजेंसी रिस्पांस और जीवन रक्षक तकनीकों की ट्रेनिंग दे चुका है। इमरजेंसी सर्विसेज के हेड डॉ. मनदीप सिंह ने कहा कि मेडिकल इमरजेंसी के दौरान “फर्स्ट रिस्पॉन्डर” की भूमिका बेहद अहम होती है। वहीं एडीशनल डिप्टी कमिश्नर ट्रैफिक पुलिस एस. नवजोत सिंह और एसीपी ट्रैफिक संदीप ने इस पहल को सड़क हादसों में मौतों को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। फोर्टिस हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. अंकुश मेहता ने कहा कि अस्पताल भविष्य में भी सड़क सुरक्षा, इमरजेंसी तैयारी और जन-जागरूकता से जुड़े ऐसे कार्यक्रम जारी रखेगा।

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