लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) नीति के विरोध में फरीदकोट बार एसोसिएशन का आंदोलन लगातार लंबा खिंचता जा रहा है। पिछले 16 दिनों से अदालतों का बहिष्कार और तीन दिनों से जारी भूख हड़ताल के बीच बुधवार को वकीलों ने शहर में विशाल रोड शो के रूप में वाहनों पर रोष मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। संघर्ष कर रहे वकीलों का कहना है कि उनका संघर्ष केवल अपने हितों के लिए नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था को प्रभावित करने वाली नीति के विरोध में है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरजंगपाल सिंह ने आरोप लगाया कि इस नीति के तहत सरकार आरोपियों को कानूनी सहायता उपलब्ध करा रही है, जिससे अपराधियों को लाभ मिलेगा और अपराध पर अंकुश लगाने के प्रयास कमजोर पड़ सकते हैं। उनका कहना है कि यह नीति स्वतंत्र वकालत व्यवस्था और मौजूदा न्यायिक ढांचे के लिए भी चुनौती बन सकती है। वकीलों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार इस नीति को वापस नहीं लेती, तब तक अदालतों का बहिष्कार जारी रहेगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज करते हुए सुप्रीम कोर्ट में भी भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। उधर आंदोलन का सबसे बड़ा असर न्यायिक कार्यों पर पड़ रहा है। अदालतों में नियमित कामकाज प्रभावित होने से मुकदमों की सुनवाई टल रही है और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि एलएडीसी योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र आरोपियों को संविधान के तहत कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे में इस मुद्दे पर सरकार और वकील समुदाय के बीच सहमति बनना जरूरी माना जा रहा है।