आम आदमी क्लीनिक संयुक्त फ्रंट, पंजाब के आह्वान पर राज्यभर के आम आदमी क्लीनिकों में कार्यरत डॉक्टरों, फार्मासिस्टों और क्लीनिकल असिस्टेंटों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में 27 जुलाई 2026 से ओपीडी सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी हैं। संयुक्त फ्रंट का कहना है कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग के साथ लंबे समय से लगातार बैठकें होने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिसके चलते कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा।संयुक्त फ्रंट के प्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले लंबे समय से सरकार को उनकी मांगों से अवगत कराया जा रहा है। प्रदेश के सभी 23 जिलों के सिविल सर्जनों तथा स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक, पंजाब को मांग पत्र सौंपे जा चुके हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह को भी 8 से 10 बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला और अब तक किसी भी मांग को अधिसूचना जारी कर लागू नहीं किया गया। फ्रंट का कहना है कि आम आदमी क्लीनिकों के डॉक्टर, फार्मासिस्ट और क्लीनिकल असिस्टेंट लाखों लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं, लेकिन उनकी नौकरी की सुरक्षा, सम्मानजनक सेवा शर्तों तथा अन्य वैध मांगों का समाधान नहीं किया गया है। संयुक्त फ्रंट ने पंजाब सरकार से तत्काल वार्ता कर अधिसूचना जारी करने और कर्मचारियों की मांगों का समाधान करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि आंदोलन के दौरान आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा होती है तो इसकी जिम्मेदारी स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग की होगी, क्योंकि कर्मचारियों ने लंबे समय तक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठाईं, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। जिला स्तर पर इस आंदोलन का नेतृत्व जिला प्रधान फार्मेसी अधिकारी जोबनप्रीत सिंह, जिला प्रधान क्लीनिकल असिस्टेंट राजबीर कौर तथा मेडिकल ऑफिसर यूनियन पंजाब के अध्यक्ष डॉ. तलविंदर सिंह कर रहे हैं।