देश में भाजपा-आरएसएस की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ विभिन्न संगठनों की ओर से संघर्ष तेज करने का ऐलान किया गया है। इसी कड़ी में 26 सितंबर को मोगा की दाना मंडी में विशाल रैली आयोजित की जाएगी। रैली को सफल बनाने के लिए किसान, मजदूर, कर्मचारी, नौजवान, विद्यार्थी और अन्य जनसंगठनों से जुड़े लोगों को लामबंद किया जा रहा है। इस मामले में रैली के आयोजकों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की नीतियों के कारण किसान, मजदूर, कर्मचारी, व्यापारी और आम लोग प्रभावित हो रहे हैं। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां बड़े कॉरपोरेट घरानों के हित में हैं और आम जनता के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। पंजाब के अधिकारों और संसाधनों से जुड़े मुद्दों को भी लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में किए जा रहे बदलावों, सरकारी संस्थानों के निजीकरण और रोजगार से संबंधित नीतियों को लेकर भी संगठनों में रोष है। उन्होंने कहा कि मनरेगा (MGNREGA) जैसी ग्रामीण रोजगार योजनाओं को कमजोर करने की कोशिशों का भी विरोध किया जाएगा। ग्रामीण मजदूरों को रोजगार और उनके अधिकारों की गारंटी देने वाली योजनाओं में कटौती किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में किसानों और मजदूरों के साथ-साथ नौजवानों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, महिलाओं और अन्य वर्गों को भी संघर्ष में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 26 सितंबर की रैली में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी और पंजाब के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने ने किसान, मजदूर, नौजवान, विद्यार्थी, कर्मचारी, व्यापारी और अन्य जनसंगठनों से जुड़े लोगों से 26 सितंबर को मोगा की दाना मंडी में बड़ी संख्या में पहुंचकर रैली को सफल बनाने की अपील की है।