रविवार को चिंतन शिविर व सर्वखाप अधिवेशन का अंतिम दिन था और तीनों दिन गहन चिंतन, मंथन के बाद लिए फैसलों पर अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला व सभा के प्रधान डॉ. कृष्ण श्योकंद, देशवाल खाप के प्रधान संजय देशवाल, लॉ प्रोफेसर डॉ जोगेंद्र मोर ने पत्रकारवार्ता की, जिसमें उन्होंने बताया कि चिंतन शिविर व अधिवेशन में 250 से ज्यादा खापें, सामाजिक व अन्य संगठन शामिल हुए, जिनकी ओर से इन सभी मुद्दों पर रायसुमारी की गई। तीसरे एवं अंतिम दिन अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, समाजशास्त्रियों, मीडिया प्रतिनिधियों, किसान नेताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सामाजिक, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर गहन चिंतन-मनन किया। विभिन्न विषय विशेषज्ञों के विचार सुनने एवं व्यापक चर्चा के उपरांत अनेक महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।