जनगणना 2027 को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को डीसी निशांत कुमार यादव और सेंसेस ऑपरेशन डायरेक्टर डा. नवजोत खोसा ने जनगणना के पहले चरण हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत होने वाली यह प्रक्रिया देश का सबसे बड़ा प्रशासनिक अभ्यास है। जनगणना 2027 देश की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी। पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, जबकि 2021 की जनगणना कोविड-19 के कारण स्थगित कर दी गई थी। पहला चरण 16 अप्रैल से शुरू होगा, जिसमें 16 से 30 अप्रैल तक स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा दी जाएगी, जबकि 1 से 30 मई तक घर-घर जाकर गणना की जाएगी। दूसरे चरण में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में कराई जाएगी। डॉ. नवजोत खोसा ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं जानकारी भर सकेंगे, जिसके बाद उन्हें एक यूनिक आईडी दी जाएगी। यह आईडी फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान गणनाकर्ता को दिखानी होगी। साथ ही, जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस) के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग भी की जाएगी।