प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील के बाद अमृतसर के सुनार समुदाय में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। सर्राफा कारोबार से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि इस बयान ने पहले से मंदी और तनावपूर्ण माहौल से जूझ रहे बाजार को बड़ा झटका दिया है। स्वर्णकार संघ के प्रधान अश्वनी कुमार नामाशह समेत कई ज्वेलर्स ने चिंता जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के बयान के बाद लोगों ने अपनी बुकिंग और सगाई-शादी से जुड़े ऑर्डर तक वापस लेने शुरू कर दिए हैं। व्यापारियों के मुताबिक बाजार में डर का माहौल बन गया है और ग्राहक अब ज्वेलरी दुकानों की ओर आने से भी कतरा रहे हैं। व्यापारियों ने कहा कि ज्वेलरी कारोबार केवल सोना बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे हजारों लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। एक ज्वेलरी दुकान से करीब 20 परिवारों का गुजारा चलता है। इसमें कारीगर, पॉलिश करने वाले, डिजाइनर, टांच लगाने वाले और अन्य कई वर्ग शामिल हैं। व्यापारियों का कहना है कि अगर लोग एक साल तक सोना नहीं खरीदेंगे तो इससे हजारों परिवारों का रोजगार प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि देश में बने तनावपूर्ण माहौल के कारण पहले ही कारोबार प्रभावित चल रहा था और अब इस बयान ने बाजार को और अधिक नुकसान पहुंचाया है। सर्राफा कारोबारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि सरकार लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील कर रही है तो फिर ज्वेलरी की दुकानें भी एक साल के लिए बंद कर दी जाएं और व्यापारियों का खर्च सरकार उठाए।