सीमावर्ती गांव गग्गोमाहल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। खेतों, सड़कों और रिहायशी इलाकों में पानी भर जाने से जनजीवन प्रभावित हुआ है, जबकि धान की फसल जलमग्न होने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। भारतीय किसान यूनियन (एकता संघर्ष) के प्रदेश अध्यक्ष पलविंदर सिंह माहल ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पंजाब सरकार और जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। पलविंदर सिंह माहल ने कहा कि डेरा बाबा नानक-अमृतसर मुख्य मार्ग सहित कई संपर्क सड़कें पानी में डूब गई हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया है। उन्होंने कहा कि खेतों में खड़ी धान की फसल डूबने से किसानों को लाखों रुपये के नुकसान का खतरा है। यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बारिश से पहले नालों की सफाई और पुलों के नीचे उगी झाड़ियों को नहीं हटाया गया, जिसके कारण पानी की निकासी बाधित हो गई। उनका कहना है कि मौजूदा स्थिति प्राकृतिक आपदा से अधिक प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। किसान नेता ने दावा किया कि अब तक न तो कोई राहत टीम मौके पर पहुंची है, न जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं और न ही किसी वरिष्ठ अधिकारी ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपने स्तर पर पानी निकालने का प्रयास कर रहे हैं।