अमृतसर में सिविल डिफेंस की अगुवाई में ब्लैकआउट मॉक एक्सरसाइज करवाई गई, जो गृह मंत्रालय भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह केवल अभ्यास है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सायरन बजने पर लोगों से घरों की लाइटें बंद कर सहयोग देने की अपील की गई। निर्धारित क्षेत्रों में बिजली विभाग द्वारा कुछ समय के लिए बिजली भी बंद रखी गई ताकि वास्तविक ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनाई जा सके। अधिकारियों ने बताया कि ऐसी मॉक ड्रिल के जरिए स्कूलों, कॉलेजों और आम लोगों को आपदा या हमले की स्थिति में खुद को सुरक्षित रखने और दूसरों की मदद करने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस मौके पर लेफ्टिनेंट जसपाल सिंह ने कहा कि यह एक नियमित प्रक्रिया है, जिसे गंभीरता से लेते हुए सहयोग करना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। प्रशासन ने कहा कि इस तरह की कवायद से आपात स्थिति में नुकसान को कम करने में मदद मिलती है और सभी को सुरक्षा निर्देशों का पालन करना चाहिए।