शिवसेना के राज्यसभा सदस्य और उद्धव ठाकरे के करीबी संजय राउत पात्रा चॉल घोटाला से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल से बाहर आने के बाद एक बार फिर से सक्रीय हो गए है। संजय राउत की जेल से वापसी पर उनके समर्थकों ने जगह जगह 'टाइगर इज बैक', 'शिवसेना का बाघ आया' जैसे पोस्टर भी लगाए थे। हमेशा अपनी तीखी बयानबाजी के लिए मशहूर संजय राउत अब भारतीय जनता पार्टी के प्रति अपने रुख में नरमी दिखा रहे हैं। दरअसल, जेल जाने से पहले संजय राउत जिस तेवर में फड़णवीस और शिंदे सरकार को कोस रहे थे। जिस अंदाज में केंद्र सरकार पर आरोप लगा रहे थे, जेल से बाहर निकलते ही उनके सुर बदले हुए नजर आ रहे हैं। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने बीजेपी के दिग्गज नेता व महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तारीफ की, जिसके कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। वहीं, यह भी कहा कि वे जल्दी ही पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने भी जाएंगे। अब सवाल है कि विपक्ष को तीखे शब्दों में आड़े हाथों लेने वाले राउत का रुख एकदम कैसे बदल गया? कहा जा रहा है कि सांसद का यह कदम भाजपा के साथ समाधान करने का एक प्रयास लग रहा है।