पिछले कुछ सालों में एक के बाद एक प्रोजेक्ट महाराष्ट्र के हाथ से क्यों निकल रहे हैं? महाराष्ट्र में ओद्योगिक निवेश आख़िर कैसे अपने अंजाम तक पहुंचता हैं? क्या राज्य में निवेश अब कम होता जा रहा है? क्या जो राज्य कभी ओद्योगिक विकास में सबसे आगे था वो अब पिछड़ने लगा है? इसके पीछे कारण क्या हैं? प्रोजेक्ट जाने के बाद महाराष्ट्र में सियासत आखिर क्यों गरमाई है...