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कुपोषण के दंश ने ली जान: सतना में चार माह के कुपोषित बच्चे की मौत, पीआईसीयू में भर्ती किया पर बचा नहीं पाए

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना Updated Wed, 22 Oct 2025 04:42 PM IST

सतना जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक आईसीयू (पीआईसीयू) में भर्ती चार माह का अति गंभीर कुपोषित शिशु हुसैन रजा आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया। 20 अक्टूबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक, कुपोषण और निमोनिया उसकी मौत की मुख्य वजह रही।

गौरतलब है कि जैतवारा क्षेत्र के मरवा निवासी आसमा बानो अपने बच्चे को 18 अक्टूबर की दोपहर 12 बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंची थीं। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप द्विवेदी ने जांच के बाद हुसैन को पीआईसीयू में भर्ती किया था। 

जन्म के साथ ही बीमारियों ने जकड़ा
जैतवारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संस्थागत प्रसव के दौरान हुसैन रजा का जन्म हुआ था। जन्म के समय उसका वजन तीन किलोग्राम था, लेकिन महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले की लापरवाही के कारण बच्चे का फॉलोअप नहीं हो सका। परिजनों ने भी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। परिणामस्वरूप हुसैन का वजन घटकर 2.5 किलोग्राम रह गया था। स्थिति इतनी गंभीर थी कि शरीर की चमड़ी हड्डियों से चिपक गई थी। कुछ दिन पहले ही परिजन इलाज के लिए पुणे भी गए थे, लेकिन कोई खास सुधार नहीं हुआ और जिदंगी की जंग हार गया।

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लापरवाही पर कार्रवाई ,एमओ समेत 4 स्वास्थ्यकर्मियों को नोटिस
मामले में सीएमएचओ डॉ. एलके तिवारी ने बताया कि खुटहा पीएससी के मेडिकल ऑफिसर डॉ. एसपी श्रीवास्तव, उप स्वास्थ्य केंद्र मरवा की एएनएम लक्ष्मी रावत, सेक्टर सुपरवाइजर राजकिशोर गुप्ता और आशा कार्यकर्ता उर्मिला साकेत को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब तलब किया है और सीएमएचओ ने बताया कि जुलाई से सितंबर के बीच जिले में दस्तक अभियान चलाया गया था, जिसमें कुपोषित बच्चों की पहचान प्राथमिकता थी। लेकिन संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही के चलते हुसैन रजा ट्रैक नहीं हो सका और उसे आवश्यक टीके भी नहीं लग पाए। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिला तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और घटना के बाद दुबारा ऐसा कोई मामला सामने ना आए जिसको लेकर एक बार भी जिले में अभियान चलाया जाएगा।

जांच के आदेश, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी
डीपीओ राजीव सिंह ने बताया कि मामला सामने आने के बाद बच्चे को बचाने के हरसंभव प्रयास किए गए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और प्रथम दृष्टया दोषी स्टाफ को नोटिस जारी किया गया है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।  

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