नेशनल पीजी कॉलेज में गोस्वामी तुलसीदास की जयंती के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में पूर्व अध्यक्ष, हिंदी विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. सूर्य प्रसाद दीक्षित ने कहा कि वेद संसार की सबसे प्राचीन कृतियों में शामिल हैं और इनमें निहित ज्ञान तमाम देशों तक पहुंचा। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा की समृद्धि और उसके व्यापक प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने अपनी रचनाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति, धर्म और जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। तुलसीदास का साहित्य आज भी समाज को नैतिकता, मर्यादा और मानवीय मूल्यों की प्रेरणा देता है। संगोष्ठी में वक्ताओं ने तुलसी साहित्य और भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे। कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षक, विद्यार्थी और साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।