केंद्र सरकार ने लंबे समय से लंबित जनगणना प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। जनगणना देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायद मानी जाती है, जिसमें लाखों कर्मचारियों और अधिकारियों की जरूरत पड़ती है। घर-घर जाकर लोगों का डेटा जुटाना, दस्तावेजों का सत्यापन करना और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करना आसान काम नहीं होता। ऐसे में यदि इसी दौरान उत्तर प्रदेश जैसे देश के सबसे बड़े राज्य में विधानसभा चुनाव भी कराने पड़ जाएं, तो प्रशासनिक मशीनरी पर भारी दबाव पड़ सकता है।
यही वजह है कि राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि चुनाव आयोग समय से पहले चुनाव कराने के विकल्प पर विचार कर सकता है। माना जा रहा है कि यदि फरवरी-मार्च 2027 में जनगणना का बड़ा चरण चलता है, तो चुनावी तैयारियों और मतदान प्रक्रिया का संचालन करने के लिए पर्याप्त प्रशासनिक संसाधन जुटाना चुनौती बन सकता है।