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जनगणना के दौरान पूछे जाएंगे ये सवाल?

Sat, 13 Dec 2025 04:54 AM IST
आदर्श अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

भारत की आगामी जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए 2027 में होने वाली जनगणना के लिए 11,718 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। यह जनगणना कई मायनों में देश के इतिहास की सबसे बड़ी और सबसे आधुनिक जनगणना साबित होने जा रही है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस बार पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है। मोबाइल एप्लिकेशन और वेब पोर्टल के माध्यम से हर घर और हर नागरिक का डेटा ऑनलाइन फॉर्म के ज़रिए दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही डेटा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का दावा भी किया गया है।

सरकार ने जनगणना को दो चरणों में पूरा करने का खाका तैयार किया है। पहला चरण- हाउस लिस्टिंग और हाउसहोल्ड डेटा अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच संचालित होगा। इसमें हर घर की भौतिक स्थिति, सुविधाएं और बुनियादी ढांचा से संबंधित विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। दूसरा चरण- यानी असल जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। इस चरण में प्रत्येक व्यक्ति से जुड़ी जानकारी, सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय पैमानों पर एकत्र की जाएगी।

सबसे बड़ा बदलाव: 1931 के बाद पहली बार जाति आधारित जनगणना

केंद्र सरकार ने इस जनगणना में एक बड़ा बदलाव करते हुए घोषणा की है कि 1931 के बाद पहली बार जाति आधारित गणना की जाएगी। अब तक केवल एससी-एसटी की गिनती होती थी, लेकिन इस बार सभी समुदायों की जातियों से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जातियों को दर्ज करने का मानक तरीका, गोत्र और जाति के बीच अंतर, और विवरण लिखने के निर्देशों को गजट नोटिफिकेशन के जरिए स्पष्ट किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे देश की सामाजिक संरचना का वास्तविक और व्यापक डेटा उपलब्ध होगा, जो नीतिगत निर्णयों में सहायक बनेगा।

डिजिटल जनगणना: ऐप में 16 से ज्यादा भाषाएं

जनगणना 2027 की सबसे आधुनिक विशेषता है इसका पूर्णतः डिजिटल स्वरूप। सरकार ने घोषणा की है कि जनगणना ऐप में अंग्रेजी, हिंदी सहित 16 से अधिक भारतीय भाषाओं का विकल्प होगा। इससे गणनाकारों के लिए डेटा दर्ज करना आसान होगा और भाषा की बाधा दूर होगी।

साथ ही डिजिटल फॉर्मेट में डेटा संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। गलत जानकारी देने वालों पर कानूनी कार्रवाई और दंडात्मक प्रावधान तय किए जाएंगे।

जनगणना 2027 में पूछे जाने वाले मुख्य सवाल

सरकार ने उन सवालों की सूची भी जारी की है जिन्हें इस बार खास तौर पर जनगणना फॉर्म में शामिल किया जाएगा:
    •    व्यक्ति का नाम, वैवाहिक स्थिति, बच्चों की संख्या
    •    शैक्षणिक योग्यता
    •    रोजगार का प्रकार- सरकारी, निजी, स्वरोजगार आदि
    •    मोबाइल, इंटरनेट और फोन की उपलब्धता
    •    साइकिल, बाइक, कार जैसी संपत्ति
    •    घर में खाया जाने वाला अनाज
    •    पीने के पानी और बिजली का मूल स्रोत
    •    घर में शौचालय, नहाने और रसोई की सुविधा
    •    खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाला ईंधन
    •    रेडियो, टीवी जैसी सुविधाएं
    •    घर की संरचना- दीवार, छत और फर्श की सामग्री
    •    घर का मुखिया कौन है
    •    परिवार किस समुदाय से है
    •    घर में कितने विवाहित जोड़े रहते हैं

प्रवास से जुड़े सवाल भी विस्तृत होंगे

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद में बताया कि इस बार प्रवास से संबंधित जानकारी और भी विस्तार से ली जाएगी। इसमें व्यक्ति का जन्म स्थान, पिछला निवास, वर्तमान स्थान पर रहने की अवधि और प्रवास का कारण पूछा जाएगा। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना हमेशा वहीं की जाती है जहां व्यक्ति गणना अवधि के दौरान मौजूद हो, चाहे वह अस्थायी रूप से ही वहां क्यों न हो।

2027 की जनगणना देश की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय तस्वीर को नए सिरे से परिभाषित करने वाली ऐतिहासिक प्रक्रिया मानी जा रही है। डिजिटल ढांचे और जाति आधारित डेटा के जुड़ने से यह जनगणना न सिर्फ तकनीकी रूप से उन्नत होगी, बल्कि नीति निर्माण के संदर्भ में भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।

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