शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे देर रात नई दिल्ली के जंतर-मंतर स्थित विरोध प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे, जहां छात्रों के मुद्दों और विपक्ष के आंदोलन के समर्थन में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद थे। उनके पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों में नया उत्साह देखने को मिला और उन्होंने जोरदार नारों के साथ उनका स्वागत किया। मंच से संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि आज़ादी के बाद पहली बार ऐसा समय देखने को मिल रहा है जब देश के भविष्य माने जाने वाले छात्रों पर लाठियां चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने वाले युवाओं के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज कुछ लोग सत्ता के बल पर छात्रों पर डंडे चला रहे हैं, लेकिन आने वाले समय में यही युवा देश और व्यवस्था का नेतृत्व करेंगे। उद्धव ठाकरे ने कहा कि जब तक सरकार नहीं बदलेगी, तब तक लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव नहीं आएगा।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने आंदोलन को कमजोर न पड़ने दें और इसकी चिंगारी को हर हाल में जीवित रखें। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र इस संघर्ष में छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है और महाराष्ट्र का युवा भी इस आंदोलन में नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा, “मैं यहां आपको हिम्मत देने भी आया हूं और आपसे हिम्मत लेने भी आया हूं।” अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रीय एकता पर जोर देते हुए कहा कि आज पूरे देश की भावना एक है और यही कारण है कि उन्होंने “वन नेशन-वन इमोशन” का संदेश दिया। उनका कहना था कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर पूरे देश के लोगों की चिंता समान है और इस मुद्दे पर सभी को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने देशभक्ति का उल्लेख करते हुए लोगों से “जरा याद करो कुर्बानी” गीत को याद रखने की अपील की और कहा कि देश की आज़ादी के लिए शहीदों ने संघर्ष किया था ताकि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित हो सके। उन्होंने कहा कि आज जब पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण युवाओं का भविष्य संकट में पड़ रहा है और कुछ छात्र कथित रूप से आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं, तब समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी बनती है कि वे इस गंभीर समस्या का समाधान करें। उद्धव ठाकरे ने कहा कि छात्रों के संघर्ष को केवल एक आंदोलन के रूप में नहीं बल्कि देश के भविष्य की लड़ाई के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का आह्वान किया और भरोसा दिलाया कि महाराष्ट्र तथा उनकी पार्टी इस संघर्ष में छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उनके संबोधन के बाद प्रदर्शनकारियों में जोश और उत्साह का माहौल देखने को मिला तथा आंदोलन को आगे बढ़ाने के संकल्प को दोहराया गया।