एक ओर चुनाव आयोग जहां मतदान को बढ़ावा देने के लिए देश भर में जागरूकता अभियान चलाए हुए है, वहीं दूसरी ओर कानपुर के भोगनीपुर विधानसभा के दो गांवों ने मतदान का खुलेआम बहिष्कार किया। असुवापुर और नगवां गांव के लोगों का आरोप है कि वो बरसों से बिजली, पानी और सड़क जैसी जरूरतों के लिए मांग कर रहे हैं, लेकिन नेता केवल वादे और दावे कर के चले जाते हैं, इसलिए उन्होंने मतदान के बहिष्कार का फैसला किया है। मतदान के बहिष्कार की खबर सुनकर सरकारी अधिकारी लोगों को मनाने पहुंचे लेकिन दोनों गांवों को मिलाकर केवल एक शख्स ने वोट डाला, बाकी लोग नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।